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KESHARI NEWS24
UP news
आम आदमी पार्टी के सांसद पर प्रदेश सरकार का शिकंजा , जातिगत सर्वे एवं राजद्रोह में मुकदमा दर्ज
उत्तर प्रदेश में जातिगत सर्वे कराकर कानूनी पेंच में फंसे आम आदमी पार्टी के सांसद व यूपी प्रभारी संजय सिंह की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर में गुरुवार को राजद्रोह की धारा के साथ 41ए की नोटिस दी गई है। पुलिस ने संजय सिंह को 20 सितंबर को पेशी पर बुलाया है। पुलिस ने संजय सिंह के खिलाफ दो सितंबर को जातिवादी भावना भड़काने (501-ए) और आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। वहीं, एक माह के भीतर अलग-अलग शहरों में संजय पर 13 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस की विवेचना में यह पता चला कि यह सर्वे 744717843 नंबर से कॉल कर किया जा रहा था, जो यूपी प्रभारी संजय सिंह के कहने पर हो रहा था। पुलिस ने इस मामले में सर्वे कराने में प्रयोग किये गए के नंबर की लोकेशन सर्वे की पूरी डिटेल एकत्रित कर ली है। इसके बाद आप सांसद संजय सिंह को धारा 41ए की नोटिस दिल्ली सरकारी आवास पर भेजकर 20 सितंबर को बयान के लिए बुलाया गया है। बता दें कि एफआईआर दर्ज होने के बाद खुद संजय सिंह सामने आए थे। उन्होंने सर्वे की जिम्मेदारी भी ली थी। कहा था कि, आप (सीएम योगी) मुकदमे कराते रहिए मैं अपना काम करता रहूंगा।
24 सेकेंड के फोन कॉल में लोगों को बताया कि हम उत्तर प्रदेश की वर्तमान राजनीति पर एक सर्वे कर रहे हैं। सर्वे में दिया गया जवाब गोपनीय रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश के कई लोग अब कहने लगे हैं कि जैसे अखिलेश यादव ने यादव समाज के लिए काम किया, मायावती ने जादव समाज के लिए काम किया वैसे ही योगी आदित्यनाथ सिर्फ ठाकुरों के लिए काम कर रहे हैं। यदि सहमत हैं तो एक दबाइए और नहीं है तो दो दबाइए।
सर्वे खत्म होने व सियासी तूल पकड़ने के बाद संजय सिंह ने प्रेसवार्ता कर सर्वे का आंकड़ा सार्वजनिक किया था। कहा था कि, दो दिन के भीतर लाखों लोगों को कॉल हुए। जिसमें से 63% लोगों ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ठाकुरों के लिए काम कर रही है। एक जाति की सरकार चल रही हैं। 9% लोगों ने जवाब देने से मना कर दिया और 28% लोगों ने कहा कि योगी सरकार ठाकुरों के लिए काम नहीं कर रही है।