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एसएसपी प्रयागराज एवं महोबा एसपी निलंबन के बाद दो थाना निरीक्षक पर भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम केस दर्ज , आज संपत्ति की जांच का दिया आदेश

एसएसपी प्रयागराज एवं महोबा एसपी निलंबन के बाद दो थाना निरीक्षक पर भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम केस दर्ज , आज संपत्ति की जांच का दिया आदेश

24 घंटे पहले भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार के खिलाफ गुरुवार को महोबा के नगर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है। मणिलाल मंगलवार तक महोबा जिले के कप्तान थे। इसके अलावा चरखारी के तत्कालीन निरीक्षक राकेश कुमार सरोज, एसओ खरेला रहे राजू सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। यह कार्रवाई पीपी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि के डायरेक्टर नीतीश पांडेय की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और 384 आईपीसी की तहत हुई है।

महोबा में एसपी रहे मणिलाल पाटीदार पर क्रशर कारोबारियों से अवैध वसूली का आरोप लगा था। इस मामले की जांच चित्रकूट धा मंडल के पुलिस महानिरीक्षक को सौंपी गई थी। जिसमें सामने आया कि पीपी पांडेय इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट मैनेजर की 46 गाड़ियां बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में गिट्टी परिवहन में लगी हुई हैं। सिपाही राजकुमार कश्यप ने अमित तिवारी को फोन कर 29 और 30 मई को तत्कालीन एसपी मणिलाल से मुलाकात कराई। तब एसपी ने हर माह दो लाख रुपए की मांग की थी। इस काम में चरखारी के तत्कालीन निरीक्षक राकेश कुमार सरोज, एसओ खरेला रहे राजू सिंह की भी संलिप्तता पाई गई।

 व्यापारी से रिश्वत की मांग

कबरई के मोहल्ला जवाहर नगर निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी ने बीते सोमवार को एसपी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। व्यापारी ने वीडियो व पत्र सीएम और डीजीपी को भी भेजा था। वीडियो में व्यापारी ने कबरई पत्थरमंडी ठप होने के चलते पैसे न देने की असमर्थता जताई थी। साथ ही एसओ पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उसने हत्या की आशंका भी जताई थी। इसी बीच मंगलवार को क्रशर कारोबारी इंद्रकांत को अज्ञात लोगों ने गोली मार दी। उसका इलाज कानपुर में चल रहा है।


आज सुबह ही गृह विभाग ने मणिलाल पाटीदार की संपत्तियों की विजिलेंस जांच के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रयागराज के एसएसपी रहे अभिषेक दीक्षित की संपत्ति की भी जांच होगी। इन अधिकारियों की अनियमितता में शामिल पुलिसकर्मियों की अलग से पुलिस महानिदेशक जांच करवाएंगे। 24 घंटे के भीतर योगी सरकार ने प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीक्षित और महोबा के पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उन्हें निलंबित कर दिया था। अब गृह विभाग ने दोनों निलंबित पुलिस कप्तानों की संपत्तियों की विजिलेंस जांच कराने का निर्णय लिया है।