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KESHARI NEWS24
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कृषि संबंधी तीन विधेयकों का विरोध कर , कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर ने दिया इस्तीफा
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने गुरुवार को मोदी कैबिनेट से कृषि संबंधी तीन विधेयकों का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने लोकसभा में इन विधेयकों को किसान विरोधी कदम बताया और कहा कि उनकी पार्टी की एकमात्र मंत्री इस्तीफा दे देंगी। इसके फौरन बाद हरसिमरत कौर ने इस्तीफे का ऐलान किया। अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एनडीए के पुराने घटक दल ने ऐसा कदम क्यों उठाया?
शिरोमणि अकील दल की तरफ से मोदी सरकार में हरसिमरत बादल ही एकमात्र प्रतिनिधि थीं। पंजाब की यह पार्टी बीजेपी का सबसे पुराना सहयोगी दल है। हालांकि, सुखबीर बादल ने जब यह ऐलान किया कि मोदी सरकार से उनका मंत्री इस्तीफा देगा, उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल सरकार और बीजेपी का समर्थन जारी रखेगी। लेकिन, किसान विरोधी नीतियों का विरोध करेगी।
दरअसल, लॉकडाउन के दौरान 5 जून को कृषि संबंधी तीन अध्यादेश लाए गए थे और संसद सत्र के ऐलान के साथ ही खासकर पंजाब और हरियाणा के किसान इन अध्यादेशों के विरोध में सड़कों पर उतर आए। सरकार संकेत दे चुकी थी कि मॉनसून सत्र में इन अध्यादेशों को द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) बिल 2020; द फार्मर्स (एम्पॉवरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइज एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस बिल 2020 और द एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल 2020 के जरिए संसद से पास करवा कर कानून बनाया जाएगा।
पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अध्यादेशों के खिलाफ 28 अगस्त को विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर चुकी है। कांग्रेस के साथ विपक्षी पार्टियां- तृणमूल कांग्रेस, बसपा, एनसीपी और माकपा भी इन बिलों का विरोध कर रही है। हालांकि, महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार चला रही शिवसेना इस बिल पर सरकार के साथ खड़ी दिखाई दी।