
नई दिल्ली। पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा की स्थिति में सुधार के बाद भारतीय सेना 10 हजार जवानों को देश की पूर्वी सीमा पर चीन की ओर से उत्पन्न खतरे से निपटने का काम सौंपेगी। ये जवान रिजर्व डिविजन का हिस्सा होंगे, जिन्हें आसानी से कभी भी एलएसी पर सुरक्षा कर रहे फ्रंट लाइन सैनिकों का सहयोग करने के लिए तैनात किया जा सकता है।
3 हजार सैनिकों को आंतरिक सुरक्षा से हटाया गया
इन सैनिकों का इस्तेमाल संवेदनशील इलाकों में किसी आकस्मिक स्थिति से भी निपटने के लिए भेजा जा सकता है। जानकारी के मुताबिक अभी तक 3 हजार सैनिकों को पूर्वोत्तर के राज्यों की आंतरिक सुरक्षा और आतंकरोधी ड्यूटी से हटाया गया है। बाकी 7 हजार सैनिकों को इस साल के आखिर तक हटाया जाएगा।
इस मामले के जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार के इस कदम से सेना को सीमाओं पर ध्यान केंद्रित करने और पारंपरिक अभियानों के लिए अपने जवानों को प्रशिक्षित करने में मदद मिलेगी।