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यूपी: बरेली में चुनाव ड्यूटी के चलते 17 शिक्षकों के परिजन नहीं साबित कर पाए कोविड से मौत।

यूपी: बरेली में चुनाव ड्यूटी के चलते 17 शिक्षकों के परिजन नहीं साबित कर पाए कोविड से मौत।


बरेली। चुनावी ड्यूटी के चलते कोविड से मृत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए शासन ने अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया था। बुधवार को पात्र कर्मियों की सूची जारी कर दी गई। बरेली में बेसिक शिक्षा विभाग के 32 में से 15 आवेदन ही पात्र पाये गए। 17 के परिजन कोविड से मौत की पुष्टि नहीं कर पाए।चुनावी ड्यूटी के दौरान बरेली में कोरोना पाजिटिव होकर 36 शिक्षकों, शिक्षामित्रों ने दम तोड़ा था। 

इनमें से 32 ने 30 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के लिए आनलाइन आवेदन किया था। इनमें से चार लोगों की रिपोर्ट कोविड पोर्टल पर नहीं मिली थी। बुधवार को जब शासन ने पात्र लोगों की सूची जारी की, जिसमें शिक्षक हरिओम सिंह यादव, भगवती देवी चौहान, शिक्षामित्र अनुज, नीतू सिंह, मोहित कुमार, कोमल अरोड़ा, मनीष कुमार ठाकुर, कंचन कनौजिया, जलीस अहमद, शिक्षामित्र हरीश कुमार सिंह, सोमपाल, विजय कुमार सिंह, शिखा सक्सेना, सत्यपाल, ऋतुराज गर्ग के परिजनों को अनुग्रह राशि का लाभ मिलेगा। 

शेष के परिजन बेहद हताश हैं। यह लोग कोविड से मौत के विषय में पर्याप्त साक्ष्य नहीं दे पाए। माध्यमिक के भी चार शिक्षक शामिलमाध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक अविनाश मसीही, मुकेश दिवाकर, प्रशांत कुमार, सौरभ मिश्रा, लिपिक टेक चंद्र और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शिव कुमार शुक्ला व व्यावसायिक शिक्षा विभाग से जितेंद्र प्रसाद सक्सेना का नाम भी पात्रों में शामिल हैं।

शिक्षामित्र प्रीति गोस्वामी के पति गिरीश कुमार ने बताया, हमारे पास एंटीजन पॉजिटिव की रिपोर्ट थी। उसके आधार पर ही आवेदन किया था। पांच साल के बेटे और तीन साल की बेटी साथ हमें भविष्य अंधकारमय लग रहा। अब डीएम आफिस में सम्पर्क को कहा गया है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष डॉ. विनोद शर्मा ने कहा, प्रदेश भर में 2020 कर्मियों को अनुग्रह राशि का लाभ मिलने जा रहा है। जिन लोगों को कागजों की कमी के कारण लाभ नहीं मिल पाया, उन्हें एक और मौका मिलना चाहिए।