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गोरखपुर : पैथोलाजी के पैड का इस्तेमाल कर बना फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट, लखनऊ एयरपोर्ट पर पकड़ाएं
गोरखपुर । कैंट थाना क्षेत्र के बेतियाहाता स्थित रविश पैथोलाजी के पैड का इस्तेमाल कर दो दिन में आरटीपीसीआर की दो फर्जी रिपोर्ट जारी की गई। लखनऊ एयरपोर्ट पर जांच में दोनों रिपोर्ट फर्जी मिली तो अथारिटी ने इसकी सूचना रविश पैथोलाजी के संचालक डा. अभिषेक मालवीय को दी। डा. अभिषेक ने कैंट थाने में अज्ञात जालसाज के खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दी है।
डा. अभिषेक मालवीय ने बताया कि 16 जून को दुर्गेश कुमार की आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट जारी की गई थी। इस रिपोर्ट में छेड़छाड़ कर इस पर नाम चंदन राजभर और रिपोर्ट जारी करने की तिथि 22 जुलाई कर दी गई। दूसरी रिपोर्ट 11 जुलाई को पंकज कुमार मिश्र के नाम से जारी की गई थी। इस रिपोर्ट को बदलकर नाम लालू प्रसाद शाह कर दिया गया। रिपोर्ट की तिथि भी 23 जुलाई कर दी गई।
रिपोर्ट पर दूसरे व्यक्ति का नाम देख चौक गए सुरक्षाकर्मी
लखनऊ एयरपोर्ट पर दोनों यात्रियों की कोरोना जांच रिपोर्ट को चेक करते समय सुरक्षाकर्मियों ने क्यूआर कोड स्कैन किया तो रिपोर्ट पर नाम दूसरे व्यक्ति का देखकर वह चौंक गए। उन्होंने रिपोर्ट में लिखे लैब के नंबर पर संपर्क किया और जारी रिपोर्ट की तहकीकात शुरू की। रविश पैथोलाजी के संचालक ने सुरक्षाकर्मियों को बताया कि रिपोर्ट उन्हीं की लैब से जारी की गई है लेकिन दोनों पर नाम और तिथि बदल दी गई है। डा. अभिषेक ने बताया कि मामले में कैंट पुलिस ने धारा 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) के निर्देश पर आरटीपीसीआर जांच करने वाली लैब को पंजीकरण नंबर दिया जाता है। आरसीएमआर के पोर्टल और प्रदेश सरकार के पोर्टल पर इन लैब का नंबर अलग-अलग दर्ज रहता है। रिपोर्ट पर ही क्यूआर कोड भी देना होता है। इसी कोड के आधार पर सुरक्षाकर्मी एयरपोर्ट पर रिपोर्ट की जांच करते हैं।