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मिर्ज़ापुर : सीसी कैमरे से मंडल के सभी डैम की सुरक्षा, पानी छोड़ने से लेकर अन्य सभी कार्य आनलाइन
मिर्ज़ापुर । पूर्वांचल की बाण सागर परियोजना के साथ ही जरगो, मेजा, सिरसी, अदवा व सोनभद्र की घाघरा , ओबरा, भाखड़ा, धनरौल समेत सभी डैम अब सीसी कैमरे की नजर में होंगे। इनका अधिकारी भ्रमण कर परीक्षण कर करेंगे। इनमें पानी का सीपेज होने पर उसकी मरम्मत कराएंगे। यही नहीं, डैम से पानी छोड़ने से लेकर उसकी सुरक्षा समेत अन्य सभी कार्य भी आनलाइन कर दिया जाएगा।
किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था बेहतर की जा रही है। इसके लिए डैम की निगरानी रखने का शासन से फरमान जारी किया गया है। कहा गया कि बरसात के दिनों में डैम में पानी भर जाता है, लेकिन डैम में सीपेज होने के चलते अधिकांश पानी बह जाता है। ऐसे मेें किसानों को पानी नहीं मिल पाता है इसलिए समस्त डैम पर सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे यह पता चलेगा कि उसमें कितना क्यूसेक पानी था। इसमें कितना पानी छोड़ा गया और सीपेज से कितना पानी बर्बाद हुआ। इन सबका आंकड़ा रखा जाएगा। इसके बाद सीसी कैमरे से लिए गए फुटेज को देखकर उससे मिलाया जाएगा। आंकड़ा ठीक रहेगा तो उसके अनुसार कार्रवाई होगी। गड़बड़ होगा तो उसकी जांच होगी। किसानों के फसल उत्पादन की नहर प्रमुख कड़ी है। अत: सभी नहरों को समय पर सफाई कराते हुए सीपेज की मरम्मत कराया जाए। सुनिश्चित करें कि नहरों के टेल तक पानी अवश्य पहुंचे। इससे किसान अपने खेतों की फसलों की सिंचाई कर सके।
सोन नदी पर मध्य प्रदेश के जनपद सहडौल में बाण सागर बांध बनाकर प्रदेश के मीरजापुर में स्थित अदवा, मेजा एवं जरगो जलाशय को अतिरिक्त पानी देने पर चर्चा हुई। आगामी एक अक्टूबर से 28 मई मध्य तक उपलब्ध कराकर इन जलाशयों से निकली नहर प्रणालियों के माध्यम से जनपद में 75,309 हेक्टेयर एवं प्रयागराज में 74,823 हेक्टेयर कुल 1,50,132 हेक्टेयर अतिरिक्त संचयन क्षमता का सृजन किया जाता है।
समस्त डैम पर सीसी कैमरे लगाकर निगरानी की जाएगी। इसके सारे रिकार्ड रखे जाएंगे। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही कैमरे लगाए जाएंगे।