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यूपी: कानपुर में नशीले इंजेक्शन से नकली दवा के धंधा करता था आसिफ मो खान।
कानपुर। नकली और नशीली दवाओं के साथ गोविंद नगर से पकड़ा गया आसिफ मो. खान नशीले इंजेक्शन की सप्लाई के बाद नकली दवा के धंधे में उतरा था। यहां उसे लोग आसिफ नहीं, उसके उपनाम मुन्ना रिलैक्स से जानते थे। कुछ ही समय में वह इस नाम से नकली दवा की मंडी में मशहूर हो गया था।
नकली दवा की खेप आने की सूचना पर 21 जून को दबौली टेंपो स्टैंड के पास क्राइम ब्रांच और गोविंद नगर की संयुक्त टीम ने छापेमारी करके चकेरी जगईपुरवा निवासी पिंटू गुप्ता उर्फ गुड्डू व बेकनगंज निवासी आसिफ मो. खान उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार किया था। आरोपितों के पास से 17 हजार नाइट्रावेट और 46 हजार एंटीबायोटिक जिफी 200 की गोलियां बरामद हुई थीं। क्राइम ब्रांच की छानबीन में सामने आया कि आसिफ पहले गुड्डू के साथ नशीले इंजेक्शन की सप्लाई का काम करता था।
नवंबर 2020 में छापेमारी के बाद गुड्डू और नौबस्ता का सुनील फरार हो गया था। नशीले इंजेक्शन का काम ठंडा पडऩे पर गुड्डू नकली दवाओं के धंधे में आ गया था। कुछ दिन बाद गुड्डू ने मुन्ना को भी इसी धंधे में खींच लिया। मुन्ना ने कम समय में ही इस धंधे में भी पांव जमा लिए थे। नकली दवा की मंडी में वह मुन्ना रिलैक्स के नाम से मशहूर था।
उसकी दवाओं के पार्सल भी इसी नाम से आते थे। क्राइम ब्रांच के मुताबिक मुन्ना के रैकेट के बारे में छानबीन की जा रही है। शहर के कई मेडिकल स्टोरों में उसकी सप्लाई की बात सामने आई है। फिलहाल 10 दुकानों को चिह्नित किया जा चुका है। जल्द ही यहां छापेमारी की जाएगी।