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कासगंज: सोरों शूकर क्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित करने के लिए संत समाज का आंदोलन शुरू

कासगंज: सोरों शूकर क्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित करने के लिए संत समाज का आंदोलन शुरू

कासगंज. सोरों जी शूकर क्षेत्र को तीर्थस्थल का आधिकारिक दर्जा दिलाने के लिए स्थानीय तीर्थ-पुरोहित सोरों जी नगर में पिछले 4 साल से आंदोलन कर रहे हैं. मथुरा-वृंदावन के आधिकारिक रूप से तीर्थस्थल घोषित होने के बाद अब सोरों जी को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग के आंदोलन ने अचानक से तेजी पकड़ ली है. आंदोलनकारियों ने 20 सितंबर से 20 अक्टूबर तक शांतिपूर्ण धरना, मौन धरना, दिव्यांग प्रदर्शन, अर्धनग्न प्रदर्शन, बाजार बंदी, जल सत्याग्रह, भूमि सत्याग्रह व आगामी चुनाव के बहिष्कार तक का शेड्यूल जारी कर दिया है. तीर्थस्थल घोषित करने की यह मांग प्रदेश के बाहर अब अन्य राज्यों के यजमान भी करने लगे हैं. इस बारे में यूपी के सीएम योगी को अब तक एक लाख से अधिक पोस्टकार्ड लिखा जा चुका है.

अगर सरकार सोरों जी को तीर्थस्थल घोषित करती है, तो एक निर्धारित अवधि में सर्वांगीण विकास के लिए समय समय पर विशेष वित्तीय पैकेज मिलते रहेंगे. नगर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर उससे जुड़ा ढांचागत विकास भी होगा. वहीं, सोरों जी की अतिप्राचीन धरोहरों संरक्षित करने पर भी काम किया जाएगा. तीर्थस्थल की निर्धारित परिधि में मांस-मदिरा की बिक्री निषेधित हो जाएगी.



आज से संत समाज ने धरने के साथ एकमत होकर सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है. संत समाज के धरने का नेतृत्व वराह मंदिर प्रबंधक विदेहा नंद महाराज कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में संतों की सरकार है. इसमें भी अगर सोरों को तीर्थस्थल का दर्जा नहीं मिला तो बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है. इस दौरान अखंड आर्यावर्त महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने बताया कि आज आंदोलन के समर्थन में संत समाज ने मिलकर 2 घंटे का सांकेतिक धरना दिया है. उन्होंने बताया कि अब आने वाली 22 तारीख को दिव्यांग धरना दिया जाएगा. इस दौरान वराह मंदिर प्रबंधक स्वामी विदेहा नंद महाराज, त्रिगुणायत महाराज, रघुनंदन महाराज, गजानंद महाराज, गनेश महाराज. गुरुदेव महाराज, रघुनंदन महाराज, सागर महाराज, रामदास कपिल पंडित, श्याम दीक्षित, अशोक पांडे, मुकेश शर्मा और उनके शिष्य मौजूद रहे.