
अयोध्या । अथक परिश्रम और अन्न के दानों पर की गई मेहनत ने जब आकार लिया तो श्रीराम, जानकी और हनुमान जी की जो आकृति उभरी उसने हर किसी का मन मोह लिया। आशापुर स्थित अवध इंटरनेशल स्कूल के प्रांगण में आस्था के इन केंद्रों को 10,800 वर्ग फीट के कैनवास पर एक साथ संयोजित किया गया है। इसके निर्माण में गेहूं, चावल, सोयाबीन, उड़द, मक्का, मसूर, फलीदाना, राजमा, मूंग, चना, तुअर की दाल और ज्वार के रूप में 125 क्विंटल अनाज का प्रयोग हुआ है। पूर्वाह्न जब विधि, न्याय एवं ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री ब्रजेश पाठक ने इस चित्र का अनावरण किया, तो लोग मुग्ध रह गए। चित्र में श्रीराम और जानकी के साथ हनुमानजी सेवक धर्म के अनुरूप विनम्रता और श्रद्धा से ओतप्रोत नजर आते हैं। यह चित्र मध्यप्रदेश के हरदा के 60 कलाकारों ने उकेरा है। हरदा मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल की कर्मभूमि है। कृषि मंत्री के ही संरक्षण में सतीश गुर्जर एवं उनकी टीम कला के क्षितिज पर कीर्तिमान रच रही है।
सतीश गुर्जर एवं उनके सहयोगी कलाकारों ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम व युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद का चित्र अनाज के दानों से बनाकर पहले ही विश्व रिकार्ड बना रखा है और शनिवार को उन्होंने श्रीराम, जानकी एवं हनुमान जी का चित्र बनाकर अनाज के दानों से सबसे बड़ा चित्र बनाने के लिए एक बार पुन: लंदन के वल्र्ड बुक आफ रिकाड्र्स में स्थान बनाया। लोकार्पण कार्यक्रम में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, वशिष्ठ पीठ तिवारी मंदिर के महंत गिरीशपति त्रिपाठी, डांडिया मंदिर के महंत गिरीशदास ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
चित्र को संरक्षित करने का व्यापक इंतजाम किया गया है। अनाज के दाने जमीन की नमी से प्रभावित न होने पाएं, इसके लिए प्लास्टिक की मोटी शीट बिछाई गई है। रात में इसके ऊपर भी प्लास्टिक की शीट तान दी जाती है। पशु-पक्षियों, बंदरों आदि से बचाने के लिए बड़ी संख्या में वालंटियर तैनात किए गए है। यह चित्र सात नवंबर तक संरक्षित रहेगा।