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यूपी: वाराणसी में शासन द्वारा स्मार्ट फोन पाकर आशा कार्यकर्ताओं के चेहरे हुए खुश।
वाराणसी। आशा कार्यकर्ता विभा दीक्षित, पिंकी देवी, मीरा शर्मा, पम्मी तिवारी शनिवार को बहुत खुश थीं। हो भी क्यों न। उनके हाथों में नया स्मार्टफोन जो था। उन्हें यह फोन सरकार से मिला है। इनके साथ दर्जनों आशाएं गदगद है। उनके चेहरे खिल गए है। कारण कि, आशा कार्यकर्ताओं को भी हाईटेक बनाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने एंड्रायड स्मार्ट फोन प्रदान किया है। इसके बाद वे भी तकनीक से जुड़कर अपना कार्य आसान कर सकेंगी।
वहीं शासन ने अब स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं को हाइटेक बनाने का मन बना लिया है। डिजिटलीकरण को देखते हुए जिले की आशा कार्यकर्ताओं को एंड्रायड मोबाइल फोन प्रदान किया गया। इस क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से प्रदेशभर की चयनित आशाओं को एंड्रायड फोन वितरित किए।
वहीं दूसरी तरफ़ इसके बाद वाराणसी सहित अन्य जनपदों में आशा कार्यकर्ताओं को एंड्रायड फोन वितरित किया गया। जनपद में आशा कार्यकर्ताओं को एंड्रायड फोन प्रदान करने के लिए शासन से कुल 2241 एंड्रायड फोन यहां पर आए हैं। इसमें से शहर की आशाओं के लिए 285 व ग्रामीण की आशाओं के लिए 1956 एंड्रायड फोन वितरित किए जाने हैं। इसके लिए शुक्रवार को लहुराबीर स्थित आइएमए भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
बता दें कि वहीं कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले की 12 आशा कार्यकर्ताओं को आनलाइन स्मार्ट फोन प्रदान किया। इसके बाद मेयर मृदुला जायसवाल ने 50 आशाओं में एंड्रायड फोन वितरित किया। फोन पाकर आशाओं के चेहरे खिल गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी ने बताया कि जनपद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यक्रम व योजनाएं मोबाइल फोन पर आधारित एप्लीकेशन के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। इसलिए शासन से प्राप्त निर्देशानुसार समस्त आशाओं को डिजिटल हेल्थ से जोड़ने के लिए एंड्रायड मोबाइल फोन वितरित किए जाने की योजना बनाई गई है।
वहीं प्रदेश स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में वाराणसी जनपद की 12 आशा कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के हाथों एंड्रायड फोन दिया गया। इसका उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं को डिजिटलीकरण से जोड़ना, उनके रजिस्टरों की संख्या को कम करना व उनके द्वारा दी जा रही समस्त जानकारी, रिपोर्ट व डाटा को आनलाइन पोर्टल व एप्लीकेशन पर संकलित करना है।
वहीं दूसरी तरफ़ इससे नियमित टीकाकरण, मातृ व शिशु स्वास्थ्य देखभाल, संचारी व गैर संचारी रोगों के मरीज एवं अन्य रिपोर्टिंग में आसानी आएगी। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दी जा रही जानकारी में पारदर्शिता भी आएगी। आशाओं का कहना था कि अब उनका कार्य और आसान हो जाएगा। समय की बचत होगी।