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यूपी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाराणसी दौरे की जानिए दस प्रमुख बातें।
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में थे। मोदी ने खरियांव में बनास डेयरी संकुल की आधारशिला रखी। इसके अलावा उन्होंने 22 विकास परियोजनाओं की आधारशिला और उद्घाटन भी किया। पीएम मोदी का 10 दिन बाद ये दूसरा काशी का दौरा है। राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण फूड पार्क में बनास डेयरी की आधारशिला रखी। 30 एकड़ जमीन पर बनने वाले बनास डेयरी प्रतिदिन 5 लाख लीटर दूध को प्रोसेस करेगी।
वहीं इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय किसानों को नए मौके भी मिलेंगे। इसके साथ ही मोदी ने बनास डेयरी से जुड़े पौने दो लाख दूध उत्पादकों के खातों में लगभग 35 करोड़ रुपये ट्रांसफर भी किए। इसके अलावा पीएम रामनगर के दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ संयंत्र के लिए बायोगैस आधारित बिजली उत्पादन संयंत्र की आधारशिला रखी। आयोजन के क्रम में प्रधानमंत्री ने विकास के लिए मानक के पक्षों को लेकर रूपरेखा तय होगी। जानिए दस बिंदुओं में प्रधानमंत्री ने क्या-क्या कहा।
1. आठ करोड़ परिवारों की आजीविका पशुधन से चलती है। गेहूं और चावल के उत्पाद से कहीं ज्यादा दूध उत्पाद होता है। भारत के डेयरी उत्पादन को मजबूत करना जरूरी है।
2. रामनगर के दूध प्लांट को चलाने के लिए बायो गैस प्लांट का शुभारंभ हुआ। दूध की शुद्वता के लिए एकीकृत प्रयास किया गया है।
3. दूध उत्पाद के सेक्टर में काफी कुछ सुधार किया जा रहा है। कामधेनु आयोग का गठन किया गया। पशुपालकों को किसान क्रेडिट सुविधा से जोड़ है।
4. पशुओं का इलाज घर पर इसके लिए देश व्यापी अभियान चलाया गया है। खुर पका और मुंह पका को ठीक करने के लिए देश स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। पशु धन को सुरक्षित करने के लिए अनेक पशु टीके लग रहा है।
5. 45 प्रतिशत डेयरी उत्पाद बढ़ा है, भारत विश्व में 22 प्रतिशत उत्पादक है। देश का डेयरी सेक्टर श्वेत क्रांति में योगदान दे रहा है। देश के डेयरी प्रोडक्ट के पास विश्व के लिए बहुत बढ़ा रास्ता है। महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार, पशुधन से बायो गैस की दिशा में रोजगार के लिए काफी लाभकारी होगा।
6. डबल इंजन की सरकारी पूरी इमानदारी से किसानों व पशुपालकों का साथ दे रही है। सरकार और सहकार से ही विकास का मार्ग तय हो रहा है।
7. गोपालकों के बीच आज से एक नई साझेदारी शुरू हुई है। दूध समितियों होंगी और दूध खराब नहीं होगा, अच्छी नस्ल के गायों से दुग्ध उत्पादन में देश आगे होगा।
8. बनारसी खाने का जायका और बढ़ेगा। छेने की मिठाई, लस्सी, लौंगलता, मलाईयों के कारण रस को बढ़ा देगा।
9. दूध की क्वालिटी की प्रमाणिकता को लेकर चिंता रहती है। दूध की पहचान को लेकर संकट रहता है। आज भारतीय मानक ब्यूरो ने एकिकृत प्रमाण का लोगो भी जारी किया गया है।
10. प्राकृतिक खेती से कई लाभ होगा। केमिकल उर्वरक से नुकसान हो रहा है। गोबर से बायो गैस का लाभ मिल गया।
11. पूर्व की सरकारों के कार्यों के बारे में कहा कि, जाति, पंथ और धर्म के चश्मे से ही पूर्व की सरकारों ने देखा था। सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास, उनकी डिक्शनरी में नहीं है। उनके सिलेब्स में माफियावाद, परिवारवाद, परिवारवाद, अवैध कब्जा, पहले की सरकारों की देन है।