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कोलकाता: साल्टलेक में अंतरराष्ट्रीय साइबर जालसाज गिरोह का हुआ फंडाफोड़, करोड़ों रुपये की हेराफेरी के आरोप में नौ हुए गिरफ्तार।

कोलकाता: साल्टलेक में अंतरराष्ट्रीय साइबर जालसाज गिरोह का हुआ फंडाफोड़, करोड़ों रुपये की हेराफेरी के आरोप में नौ हुए गिरफ्तार।

                        Shantanu Chatrjee Reporter

कोलकाता। पुलिस ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय साइबर जालसाज गिरोह का फंडाफोड़ करते हुए नौ जालसाजों को गिरफ्तार किया है। दबोचे गए आरोपितों पर विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहयोग के नाम पर करोड़ों पये की ठगी करने का आरोप है। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने साल्टलेक के एएल ब्लाक में छापेमारी कर आरोपितों को दबोचा है। 

वहीं गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अंब्रानिल बोस राय चौधरी उर्फ राहुल (27), सैयद एजाज हुसैन (27), तैफुर खान (31), कासिफ अली शेख (36), अयाज अफरोज खान (34), निखिल सेठी (23), सैयद राफेल अली (21), मोहम्मद हबीबुल्लाह (34) और सुनील कुमार पाध्या (29) के रूप में हुई है।

वहीं बिधाननगर साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने एएल ब्लाक के काल सेंटर से 30 कंप्यूटर, 13 मोबाइल फोन,तीन राउटर, तीन हार्ड डिस्क, एक कार और सर्वर जब्त किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक साल्टलेक के एएल ब्लाक में मकान नंबर 31 में काल सेंटर की आड़ में विदेशी नागरिकों को ठगने के लिए अनूठी तरकीब का इस्तेमाल किया जा रहा था। 

वहीं दूसरी तरफ़ आरोपित मुख्य रूप से अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जर्मनी के निवासियों को निशाना बना रहे थे। वहां से जालसाज माइक्रोसाफ्ट साफ्टवेयर यूजर्स की डेटा लिस्ट तैयार करते थे। उस लिस्ट से आरोपित वायस ओवर इंटरनेट प्रोटोकाल का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों को जाल में फंसाते थे।

वहीं पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य फोन पर विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता देने का वादा करते थे, इसके बाद उससे जानकारी लेने के बाद उन लोगों से गिफ्ट कार्ड के जरिए करोड़ों रुपये ठग लेते थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपितों ने एप्पल गिफ्ट कार्ड, गूगल पे गिफ्ट कार्ड और टारगेट गिफ्ट कार्ड के जरिए टेक सपोर्ट के नाम पर विभिन्न लोगों से आनलाइन रुपये लिए।

वहीं बाद मे वे अन्य देशों के माध्यम से उपहार कार्ड को भारतीय मुद्रा में परिवर्तित कर लेते थे। बिधाननगर साइबर क्राइम थाने की पुलिस पिछले कई माह से इन साइबर अपराधियों की तलाश में थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इससे पहले इस मामले में शाहबाज के नामक एक जालसाज का पता चला था। इसके बाद इस गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया गया। हालांकि, मुख्य आरोपित शाहबाज भागने में सफल हो गया। पुलिस उसे तलाश रही है।