
UP news
यूपी : वाराणसी में सेमीकंडक्टर चिप का संकट बढ़ने से वाहनों की आपूर्ति करीब 25 फीसद हुई कम।
वाराणसी। रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते वाराणसी के वाहन बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। वाहन उद्योग क्षेत्र में माना जा रहा है कि वर्तमान में 25 फीसद तक आपूर्ति कम हो गई है। जबकि मांग लगातार बढ़ रही है।
वहीं ग्राहकों को अपनी पसंद के वाहन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। बता दें कि वाहन निर्माण में सेमीकंडक्टर चिप की भूमिका अति महत्वपूर्ण होती है। देश की वाहन निर्माता कंपनियां यूक्रेन और रूस से चिप मंगा रही थीं। इससे पहले यहां चीन से चिप आता था।
वहीं बदले हालात के कारण चीन के बाद ताइवान समेत अन्य देशों पर चिप की निर्भरता बढ़ी। बहरहाल, वाहन कारोबारियों को युद्ध की विभीषिका खत्म होने के बाद ही चिप के संकट से उबरने की उम्मीद है। आर्थिक दुनिया के हालात जो भी हों ग्राहकों को अपने पसंद का वाहन चाहिए तो शोरूम की ओर रुख तो करेंगे ही।
वहीं कुछ यही दृश्य नगर के वाहन शोरूम की हैं। बड़ी संख्या में ग्राहक वाहनों की बुकिंग करा रहे हैं। भिन्न और आकर्षक वाहनों को देख रहे हैं। वाहन के मिलने की जानकारी ले रहे हैं। वाहने में नए अपडेशन की पूछताछ कर रहे हैं। लहरतारा स्थित एक शोरूम पर रामकिशोर जायसवाल और राजतिलक अग्रवाल बताते हैं कि देश के शानदार दो पहिया वाहनों में शुमार बुलेट की दो माह में मांग 200 है जबकि आपूर्ति 100 हो रही है। महमूरगंज निवासी ग्राहक पीयूष शर्मा ने बताया कि दमदार आवाज वाला दो पहिया वाहन सड़क की शान है।
1. पहले की तरह ही चिप की स्थिति है। वाहनों की मांग ज्यादा है और आपूर्ति जरूर कम है। यह मान सकते हैं कि मांग की तुलना में आपूर्ति कम है। विनम्र अग्रवाल, निदेशक, बृजलेक्स मोटर्स प्रालि.।
2. चिप संकट के चलते वाहनों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। युद्ध का वाहन उद्योग पर असर पड़ा है। इसके चलते मांग और आपूर्ति प्रभावित हुई है। गिरीश गुप्ता, वरिष्ठ सदस्य, वाराणसी आटो मोबाइल डीलर एसोसिएसन।
वहीं दूसरी तरफ़ आटोनामस ड्राइविंग ऐड, सेंसर्स, सेलफोन और कम्युनिकेशन इंटीग्रेशन के साथ उच्च दक्षता वाले इंजन के एलिमेंट्स में इसका उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही ड्राइवर असिस्टेंस, पार्किंग के लिए रियर कैमरा और सेंसर्स कंट्रोल, ब्लाइंड स्पाट डिटेक्शन, अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन चेंज असिस्ट, एयरबैग और इमरजेंसी ब्रेकिंग में भी सेमीकंडक्टर की जरुरत होती है।