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यूपी : गाजीपुर में सपा ने चला बड़ा दांव, निर्दल उम्मीदवार मदन सिंह यादव को दिया समर्थन
गाजीपुर। सपा उम्मीदवार द्वारा अपना नामांकन वापस लेने के बाद सकते में आई समाजवादी पार्टी ने अब निर्दल मदन सिंह यादव पर दांव लगाया है। प्रधान संघ के अध्यक्ष मदन सिंह यादव की तलाश पुलिस और प्रशासन को भी है। हालांकि, नाम वापसी के अंतिम दिन तक पुलिस के हाथ न लगने वाले मदन सिंह को लेकर भाजपा की ओर से सभी रणनीति को सपा और सुभासपा ने मिलकर फेल किया है।
वहीं अब भाजपा की ओर से अपने उम्मीदवार विशाल सिंह चंचल को जिताने की कवायद शुरू कर दी गई है। जबकि गाजीपुर में इस बार सत्ता पक्ष से कोई भी विधानसभा चुनाव का उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सका है।
वहीं इस बार गाजीपुर से निर्दल प्रत्याशी रहे मदन सिंह यादव रामशीष सिंह यादव ग्राम अधियारा, गाजीपुर के पुत्र हैं। वर्ष 1995 में पहली बार प्रधानी का नामांकन किया था। किसी कारण से उनका पर्चा खारिज हो गया था। वर्ष 1995 में राष्ट्रपति शासन लागू था उसी समय मुलायम सिंह यादव के आह्वान पर राजभवन घेरो आंदोलन के दौरान जेल गए थे।
वहीं उसी समय से वह राजनीति में सक्रिय थे। तीन बार जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव हार गए थे। वर्ष 2010 में पंचायत में प्रधान का चुनाव लड़े लेकिन हार मिली। 2015 में उनकी बेटी रेनू यादव ने चुनाव प्रधानी का चुनाव जीता था। वर्ष 2021 में मदन सिंह यादव ने प्रधानी में चुनाव जीत दर्ज कर सियासी सफर शुरू किया था। इस बार माना जा रहा है कि एमएलसी चुनाव में वह समाजवादी पार्टी के डमी कैंडीडेट थे। ऐसे में नाम वापसी के बाद से सपा के नेताओं ने उनका समर्थन किया और अब सपा के वह प्रत्याशी हो गए हैं।
वहीं इसके अतिरिक्त समाजवादी पार्टी के नेताओं को भी उनको जिताने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। गाजीपुर में प्रधान संघ के अध्यक्ष होने के नाते उनकी जीत को लेकर भी पार्टी काफी हद तक आश्वस्त नजर आ रही है। मुख्तार परिवार और सुभासपा नेताओं की सक्रियता के बीच अब भाजपा उम्मीदवार के लिए गाजीपुर की एमएलसी सीट अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है।