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श्री महालक्ष्मी व्रत 16 दिनों तक चलेगा जानिए पूजन सामान कथा एवं विधि
भाद्रपद की शुक्ल अष्टमी के दिन से श्री महालक्ष्मी व्रत शुरू होता है। जी हाँ और कहा जाता है यह सोलह दिनों तक चलता है और इस व्रत में मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन किया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि जिस घर की महिलाएं इस व्रत को रखती हैं, उस घर में पारिवारिक शांति हमेशा बनी रहती है।
महालक्ष्मी व्रत शनिवार, सितम्बर 3, 2022 को
चन्द्रोदय समय - 12:35 पी एम
महालक्ष्मी व्रत प्रारम्भ शनिवार, सितम्बर 3, 2022 को
महालक्ष्मी व्रत पूर्ण शनिवार, सितम्बर 17, 2022 को
सम्पूर्ण महालक्ष्मी व्रत के दिन - 15
अष्टमी तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 03, 2022 को 12:28 पी एम बजे
अष्टमी तिथि समाप्त - सितम्बर 04, 2022 को 10:39 ए एम बजे
महालक्ष्मी व्रत की पूजा विधि- कहते हैं अगर विधि पूर्वक और श्रद्धा से महालक्ष्मी व्रत पूरा किया जाए तो देवी लक्ष्मी बहुत प्रसन्न हो जाती हैं। जी हाँ और मान्यताओं में महालक्ष्मी व्रत का काफी महत्व है। इस व्रत को रखने वाली सुहागन महिलाओं को लक्ष्मी माता को सुहाग का सामान जैसे, साड़ी, बिंदी, सिंदूर, बिछिया, चूड़ी आदि अर्पित करनी होती है। जी दरअसल ऐसा कहा जाता है ऐसा करने से सुहाग की उम्र बढ़ती है और घर में सुख-शांति रहती है। आप माता को फूल चढ़ाएं और दीपक या धूप चढ़ाने के बाद विधिवत पूजा करें और इसके बाद मां महालक्ष्मी को कमलगट्टा चढ़ाएं और आरती करें। ध्यान रहे भोग लगाने के बाद मां महालक्ष्मी स्त्रोत और कथा पढ़ी जाती है।