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चमत्कार! दशहरे के दिन सीधी हो जाती है कंकाली माता की झुकी हुई गर्दन, चमत्कार देखने वालों के बन जाते हैं सारे बिगड़े काम!

चमत्कार! दशहरे के दिन सीधी हो जाती है कंकाली माता की झुकी हुई गर्दन, चमत्कार देखने वालों के बन जाते हैं सारे बिगड़े काम!




एजेंसी डेस्क

भारत देश में अनेकों ऐसे चमत्कारी और रहस्मयी मंदिर हैं, जिनके बारे में जानकर लोग हैरान रह जाते हैं। देवी मां के भी कई चमत्कारी मंदिर देश में मौजूद हैं। देवी मां का ऐसा ही एक चमत्कारी मंदिर भोपाल से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित है।कंकाली माता का यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। कंकाली मंदिर देश नहीं पूरी दुनिया में अपने चमत्कार के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में दशहरे वाले दिन चमत्कार देखने को मिलता है। माता के इस चमत्कार को देखने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो कोई भक्त माता के इस चमत्कार को अपनी आंखों से देखता है, उसके सारे बिगड़े काम बन जाते हैं।

सीधी हो जाती है माता की गर्दन

दरअसल दशहरे के दिन मां कंकाली देवी की गर्दन सीधी हो जाती है। इस रहस्य को अभी तक कोई सुलझा नहीं पाया है। इस मंदिर में वर्ष भर भक्तों का तांता लगा रहता है। मंदिर के बारे में मान्यता है। कि मां कंकाली देवी की प्रतिमा की टेढ़ी गर्दन दशहरे के दिन सीधी हो जाती है। 5 अक्टूबर को पूरे देश में दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन कंकाली मंदिर में लोग चमत्कार देखने के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित होंगे।


 

45 डिग्री झुकी हुई देवी प्रतिमा की गर्दन

रुदावल गांव में स्थित मां कंकाली के इस मंदिर में देवी मां की मूर्ति की गर्दन 45 डिग्री झुकी हुई है। बताया जाता है कि मंदिर की स्थापना 1731 के आसपास की गई थी। मंदिर के बारे में कहा जाता है कि खुदाई के दौरान यहां मूर्ति मिली थी। हालांकि मंदिर कब अस्तित्व में आया, सही स्थिति का कोई प्रमाण नहीं मिलता है। यहां लोग संतान प्राप्ति की मन्नत लेकर आते हैं। यहां श्रद्धालु गोबर से उल्टे हाथ के निशान लगाते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से मां की कृपा होती है और संतान प्राप्ति होती है। मनोकामना पूरी होने पर हाथों के सीधे निशान बना दिए जाते हैं।

20 हाथों वाली मां कंकाली की मूर्ति

इस मंदिर में कंकाली देवी की प्रतिमा में 20 भुजाएं है। मूर्ति के साथ भगवान ब्रह्मा विष्णु और महेश की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। वैसे तो यहां साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन नवरात्रों में यहां खासी भीड़ दिखाई देती है। दशहरे वाले दिन माता का चमत्कार देखने बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुुंचते हैं।