फैक्ट चेक न्यूज
फैक्ट चेक: बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई का यह वीडियो यूपी का नहीं बल्कि बिहार का है,,,।

एजेंसी फैक्ट चेक : खाकी वर्दी पहने दो महिलाओं के एक बुजुर्ग को पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कुछ लोगों का कहना है कि ये वीडियो यूपी के शहर वाराणसी का है, जो पीएम मोदी का लोकसभा क्षेत्र भी है, और ये घटना यूपी की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।वीडियो में दिखता है कि दो महिलाएं बीच सड़क पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को डंडे से पीट रही हैं, इन दोनों महिलाओं ने खाकी वर्दी पहनी हुई है।
आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सौरभ भारद्वाज ने इस वीडियो को शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, "पीछे बोर्ड पर STD फोन कोड 0542 लिखा है- मतलब प्रधानमंत्री जी का लोकसभा क्षेत्र वाराणसी, "उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार"।
हालांकि भारद्वाज ने बाद में इस ट्वीट को डिलीट कर दिया. इस ट्वीट के आर्काइव्ड वर्जन को यहां देखा जा है।

मीडिया नेटवर्क ने अपनी जांच में पाया कि ये घटना वाराणसी की नहीं बल्कि बिहार के कैमूर जिले के भभुआ शहर की है।
कैसे पता लगाई सच्चाई?,,,,,,,
कीवर्ड सर्च के जरिए खोजने पर हमें कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। इनके मुताबिक ये घटना बिहार के कैमूर जिले के भभुआ शहर के जय प्रकाश चौक की है।
हमें ये भी जानकारी मिली कि पिटने वाले बुजुर्ग व्यक्ति बरहुली गांव के निवासी और अध्यापक नवल किशोर पांडेय हैं। वो पिछले कई वर्षों से डीपीएस (धमेंद्र पब्लिक स्कूल) में पढ़ा रहे हैं।
खबरों के मुताबिक ये घटना शुक्रवार दोपहर को उस वक्त हुई जब नवल किशोर स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे। तभी जय प्रकाश चौक पर लगे जाम को हटाने के लिए तैनात दोनों महिला होमगार्डों ने उनकी पिटाई कर दी क्योंकि वो चलती गाड़ियों के बीच सड़क पार कर रहे थे।
इस बुजुर्ग शिक्षक पर लाठियां भांजने वाली दोनों महिला होमगार्ड्स नंदनी कुमारी और ज्ञांति कुमारी को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है।
