14 NOV. विशेष :: आइए आज बाल दिवस पर मिलिए बनारस की 9 वर्षीय कु.आर्या से, जानें क्यों हैं ? ये काशी की गूगल गर्ल,,,।
आज 14 NOV. बाल दिवस पर "केसरी न्यूज नेटवर्क" आपको ऐसी नन्ही परी से मिलवाने जा रहा है, जिसको काशी की गूगल गर्ल के नाम से जाना जाता है। हमने बाल दिवस पर वाराणसी में 9 वर्षीय कु.आर्या प्रकाश श्रीवास्तव से खास बातचीत की।
वाराणसी :: कहते हैं किताबी ज्ञान कभी खाली नहीं जाता, लेकिन डिजिटल हो रहे वक्त के साथ किताबी ज्ञान लोगों से दूर जरूर हो रहा है। गूगल के जरिए अपनी जानकारी अपडेट करने के साथ ही whatsapp और सोशल मीडिया अब लोगों के ज्ञान अर्जन का बड़ा केंद्र मन रहा है, लेकिन किताबों का ज्ञान हमेशा किसी भी डिजिटल प्लेटफार्म से ज्यादा ही महत्वपूर्ण माना जाता है। और यह बात वाराणसी की उस 9 साल की गूगल गर्ल (Google Girl of Kashi Arya Prakash Srivastava Exclusive Interview) पर बिल्कुल सटीक बैठती है।
उसने 4 साल की उम्र से अपनी बहन की यूपीएससी की तैयारी की किताबों को पढ़ते हुए बनारस में गूगल गर्ल का खिताब हासिल कर लिया है। हम बात कर रहे हैं 9 वर्ष की आर्या प्रकाश श्रीवास्तव की। कु.आर्या को वाराणसी में google गर्ल के नाम से जाना जाता है। अब यह नाम धीरे-धीरे पूरे देश में इसके लिए फेमस होता जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि किताबी ज्ञान के बाद अब आर्या प्रकाश करंट अफेयर्स पर भी उतना ही ध्यान देने लगी है। जिसकी वजह से उनका यह किताबी खजाना और ज्ञान का बक्सा कम उम्र में ही उसके दिमांक में भरता चला जा रहा है।
दरअसल वाराणसी के मड़ौली इलाके की रहने वाली आर्या प्रकाश के पिता विवेक श्रीवास्तव अपनी बेटी के इस ज्ञान पर खुद आश्चर्यचकित रहते हैं। विवेक का कहना है कि 4 वर्ष की उम्र में जब वह अपनी बड़ी बहन अदिति की यूपीएससी की किताबों के साथ दिखाई देती थी, तो परिवार के लोग बच्चा समझ कर उसके हाथ से किताबें ले लेते थे, कहीं किताब फाड़ ना दे, लेकिन वह किताबें फाड़ती नहीं थी बल्कि बहन की किताबों को लेकर उसे पढ़ती थी, और जब अदिति भी अपनी इन तैयारी को घूम-घूम कर याद करते हुए जोर-जोर से पढ़ा करती थी तो बहन की बातों को आर्या भी दोहराया करती थी। जिसके बाद परिवार के लोगों को यह समझ में आने लगा की छोटी बेटी आर्या बोर्न टू यूनिक बेबी है।
इसके बाद मां लक्ष्मी ने अपनी बेटी के इस टैलेंट पर ध्यान देना शुरू किया। प्रतियोगिता दर्पण समय तमाम यूपीएससी की तैयारी की किताबों के साथ आर्या का समय धीरे-धीरे बीतने लगा। स्कूल में एडमिशन हुआ तो स्कूल की किताबों के साथ इन किताबों में भी वह बिजी रहने लगी। मां लक्ष्मीदेवी ने भी पूरा ध्यान दिया और बेटी को धीरे-धीरे करंट अफेयर्स की तरफ ले जाने के साथ ही सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म के बारे में भी बताना शुरू किया।
इसके बाद संस्कार भारती समेत तमाम संगठनों के साथ मिलकर आर्य को सनातन संस्कृति का बेहतरीन ज्ञान संस्कृत भाषा का ज्ञान और तमाम वेद और सनातन संस्कृति से जुड़ी किताबें का ज्ञान भी आर्या ने लेना शुरू कर दिया। इसके अलावा इतनी कम उम्र में संगीत और भारतीय नाट्यकल को भी सीखने का काम इस बच्ची ने शुरू कर दिया। इतनी कम उम्र में इतनी जिम्मेदारियां और मां-बाप की उम्मीदों का भार लेकर आर्या ने वह सब करना शुरू किया, जो एक बड़े बच्चों को करना होता है, लेकिन उसके कदम कभी डगमगाए नहीं, क्योंकि मां-बाप और बड़ी बहन का हाथ उसके ऊपर हमेशा बना रहा।
मां लक्ष्मी का कहना है की बेटी की इस प्रतिभा को देखकर उन्होंने उसका साथ देना शुरू किया। वह आज भी करंट अफेयर्स को लेकर काफी एक्टिव रहती है। खुद ही जव केसरी न्यूज नेटवर्क प्रतिनिधि ने आर्या से वर्ल्ड कप से लेकर फिलिस्तीन इजरायल के युद्ध और वाराणसी की समस्त जानकारी के साथ नदियों के नाम और देश में तमाम पर्वत श्रृंखलाओं के नाम पूछे तो आर्या इस तरह से बताने लगी जैसे सामने कोई किताब खोल कर रख दी गई हो। आर्या के इस अद्भुत ज्ञान से हम खुद आश्चर्यचकित थे, इतनी कम उम्र में आर्या को तमाम चीजों की जानकारी के साथ ही वाराणसी के पुरातन नाम संस्कृत इसके उद्भव की भी जानकारी है और संस्कृत भी बोलचाल की भाषा में बिल्कुल हिंदी की तरह बोलने में आर्य माहिर है।
कुल मिलाकर कम उम्र में गूगल गर्ल के नाम से फेमस आर्या करंट अफेयर्स देश में नदियों के नाम पर्वत श्रृंखलाओं के नाम देश के तमाम राज्यों के नाम कितने जिले कितनी भाषाएं और तमाम वह जानकारियां जो गूगल पर डालने पर मिलती है, वह आर्या को मुंह जवानी याद है। यही वजह है कि उसे तमाम संस्थाओं और मीडिया संस्थानों ने भी गूगल गर्ल का नाम ले डाला है। जिसके बाद अब उसके पेरेंट्स इस नाम को बनाए रखने के लिए आर्य को लगातार कुछ ना कुछ नया सिखाते ही रहते हैं।