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प्रयागराज महाकुंभ में 14 फरवरी से बनेंगे 4 बड़े रिकॉर्ड, जिसकी दुनिया बनेगी गवाह, जानें क्या हैं ये...

प्रयागराज महाकुंभ में 14 फरवरी से बनेंगे 4 बड़े रिकॉर्ड, जिसकी दुनिया बनेगी गवाह, जानें क्या हैं ये...

Maha Kumbh 2025: संसार का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ 2025 (Maha Kumbh 2025) इन दिनों प्रयागराज की धरती पर हो रहा है। हर दिन यहां करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। यह भव्य आयोजन के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां हुई है। ताकि लोगों को किसी भी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। लोगों की आस्था, परंपरा और भव्यता का प्रतीक महाकुंभ हर दिन कीर्तिमान रच रहा है।

144 साल बाद लगने के चलते इसका महत्व बहुत अधिक माना जा रहा है। यह पूर्ण कुंभ 13 जनवरी 2025, से शुरू हुआ है। जिसका समापन 26 फरवरी 2025, यानि महाशिवरात्रि वाले दिन होगा। अबतक कुंभ में लगभग शाही स्नान हो चुके हैं। अब केवल 12 फरवरी माघ पूर्णिमा और महाशिवरात्रि का शाही स्नान बाकी है। 

इसके साथ ही, 10 फरवरी तक सभी अखाड़े संगम की धरती से चले जाएंगे। कल्पवासी भी 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा का शाही स्नान करके रवाना होंगे, लेकिन यह भव्य आयोजन 26 फरवरी तक आम जनता के लिए चलता रहेगा। ऐसे में बताया जा रहा है 14 फरवरी से महाकुंभ में कई कार्यक्रम शुरू होने जा रहे हैं। इस दौरान 4 बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम होंगे। आइए देखें इनकी लिस्ट।

महाकुंभ में बनेंगे ये 4 वर्ल्ड रिकोर्ड

स्वच्छता का बनेगा रिकॉर्ड
 

14 फरवरी वाले दिन करीब 15 हजार सफाई कर्मचारियों द्वारा एक साथ घाटों की सफाई का अभियान चलाया जाएगा। ऐसे में यह पहला बड़ा रिकॉर्ड कायम होगा। इससे पहले साल 2019 में लगे महाकुंभ के दौरान 10 हजार सफाई कर्मियों ने सफाई की थी।

नदी के बीच सफाई अभियान
 

इसके बाद 15 फरवरी को 300 से ज्यादा लोग संगम के बीच धारा में सफाई करेंगे। ऐसे में यह सबसे बड़ा नदी सफाई अभियान का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा।

ई-रिक्शा की संचालन
 

16 फरवरी को परेड मैदान पर करीब एक हजार ई-रिक्शा का संचालन होगा। पिछले कुंभ में शटल बसें चलाई गई थी और इस बार ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। ऐसे में यह भी एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित होगा।

हैंड प्रिंटिंग का रिकॉर्ड

आखिर में 17 फरवरी को गंगा पंडाल के बीच 8 घंटे में करीब 10 हजार लोग हैंड पेंटिंग बनाकर इतिहास रचेंगे। यह भी एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज होगा। पिछले कुंभ में यह आंकड़ा 5 हजार था।

बताया जा रहा है इन वर्ल्ड रिकॉर्ड को बनाने में लगभग चार करोड़ 87 लाख रुपये की लागत आएगी। इन रिकॉर्ड को बनाने के लिए गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम प्रयागराज पहुंचेगी।