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महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का आखिरी स्नान है जारी, संगम पर उमड़े भारी श्रद्धालु; मेला क्षेत्र नो व्हीकल जोन घोषित...

महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का आखिरी स्नान है जारी, संगम पर उमड़े भारी श्रद्धालु; मेला क्षेत्र नो व्हीकल जोन घोषित...

ब्यूरो, प्रयागराज। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक 45 दिवसीय महाकुंभ आज शिवरात्रि पर संगम में अंतिम डुबकी के साथ समाप्त हो रहा है। अब तक, समाज के हर वर्ग के लगभग रिकॉर्ड 64 करोड़ लोगों ने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगाई है।

संगम पर स्नान के लिए पहुंच रहे लोग

वहीं, महाशिवरात्रि के दिन अंतिम स्नान के लिए भारी इंतजाम किए गए हैं। संगम पर स्नान करने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

महाकुंभ में शासन के निर्देश पर विशेष तौर पर तैनात वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महाशिवरात्रि पर शहर के सभी शिवालयों और महाकुंभ क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता किया जाएं।
 
सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर

अंतिम स्नान पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यह निर्देशित किया गया है कि मेला क्षेत्र और प्रमुख शिवालयों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं।
 

श्रद्धालु नजदीक के घाट पर करेंगे स्नान

महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकुंभ पुलिस ने ऐसा प्लान बनाया है, जिससे वह नजदीक के घाट पर स्नान कर सकेंगे। इसके लिए सभी दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग घाट निर्धारित किए गए हैं।

मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित

पुलिस आयुक्त प्रयागराज तरुण गाबा ने शहर की यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ट्रैफिक डायवर्जन और रूट प्लान को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। मंगलवार शाम छह बजे से पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है, जिसके तहत किसी भी वाहन का मेला क्षेत्र में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से यातायात नियमों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है ताकि महाशिवरात्रि और महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।

यह बनाई गई है आज के लिए व्यवस्था

* दक्षिणी झूंसी से आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार ऐरावत घाट पर स्नान करेंगे।
* उत्तरी झूंसी से आने वाले श्रद्धालु संगम हरिशचंद्र घाट एवं संगम ओल्ड जीटी घाट पर स्नान करेंगे।
* परेड पर आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार भरद्वाज घाट, संगम द्वार नागवासुकि घाट, संगम द्वार मोरी घाट, संगम द्वार काली घाट, संगम द्वार रामघाट एवं संगम द्वार हनुमान घाट पर स्नान करेंगे।
* अरैल क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु संगम द्वार अरैल घाट पर स्नान करेंगे।
* पांटून पुलों का संचालन श्रद्धालुओं के भीड़ के दबाव के अनुसार किया जाएगा।