Mahakumbh: 'जवानी में घास नहीं डाली अब 55 की उम्र में...', 36 साल बाद फिल्मी अंदाज में पुलिसकर्मी को मिली अपनी स्कूली दोस्त...
ब्यूरो महाकुंभ नगर। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले का आज, 26 फरवरी को आखिरी दिन था। महाशिवरात्री के दिन करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई।इस बार का महाकुंभ कई वजहों से चर्चा में रहा हैं। अब तक 67 करोड़ लोगों ने महाकुंभ में डुबकी लगाकर विश्व रिकॉर्ड बना दिया। वहीं, सोशल मीडिया पर भी एक से बढ़कर एक वीडियो वायरल हुए। कई बिछड़े लोग वर्षो बाद अपने परिवार से भी मिले। ऐसा ही एक ताजा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक पु्लिसकर्मी ये बता रहा है कि 36 साल बाद वो अपनी स्कूल की दोस्त से महाकुंंभ मेले में मिला है।
महाकुंभ 2025 में आस्था का जनसैलाब प्रयागराज में देखने को मिला। देश ही नहीं विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने पहुंचे। पुलिस की मुस्तैदी के बीच यह मेला आज संपन्न हो गया। एक महीने तक चलने वाले इसे मेले में कई बिछड़े लोग अपने दोस्तों और परिवारों से मिले। पहले एक कहावत प्रचलन में था, कुंभ के मेले में बिछड़ गए थे क्या? मगर सोशल मीडिया के इस जमाने में लोग बिछड़ नहीं रहे हैं बल्कि मिल रहे हैं। कुंभ की ड्यूटी में तैनात एक पुलिसकर्मी करीब 36 साल बाद अपनी दोस्त से महाकुंभ मेले में मिला।
36 साल बाद महाकुंभ में मिले दो दोस्त
पुलिस की वर्दी में नजर आ रहे संजीव कुमार ने खुद ये वाक्या बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी पोस्ट किया है। वीडियो में संजीव कुमार ने बताया कि उनकी महाकुंभ मेले में ड्यूटी लगी हुई है। इस मेले में वो अपनी दोस्त रश्मि गुप्ता से करीब 36 साल बाद मिले। साल 1988 के बाद यह पहला मौका था जब दोनों दोस्त एक दूसरे से मिले। फिलहाल रश्मि गुप्ता KKV डिग्री कॉलेज लखनऊ में टीचर के पद पर तैनात हैं तो संजीव कुुमार अब थानेदार बन चुके हैं।
सोशल मीडिया पर पुलिसवाले का वीडियो वायरल
वीडियो में संजीव कुमार अपनी क्लासमेट रश्मि से यह पूछते नजर आ रहे हैं कि महाकुंभ में आकर उन्हें कैसा लगा। इस पर रश्मि मुस्कुराते हुए जवाब देती हैं और कहती हैं कि उन्हें यहां आकर बहुत ही अच्छा लगा। यहां व्यवस्थाएं भी दुरुस्त हैं और संजीव ने स्पेशली हमारे लिए बहुत ही अच्छा इंतजाम कर दिया।
संजीव की तारीफ में रश्मि ने क्या कहा
रश्मि पुराने दिनों को याद करते हुए आगे अपने दोस्त के बारे में कहती हैं कि संजीव जब स्कूल में हमारे साथ पढ़ता था तो काफी चुप-चुप रहता था, मगर अब इसकी पर्सनालिटी इतनी बढ़िया हो गई है कि मिलकर बहुत खुशी हुई। रश्मि की बातें सुनकर संजीव बोलते हैं कि आदमी अपनी जवानी में अच्छा लगता है। अब कोई बताए कि भला बुढ़ापे में कौन अच्छा लगता है। आज मेरी उम्र 55 साल से अधिक हो चुकी है और आज ये मेरी तारीफ कर रही हैं। मगर मैं इनकी तारीफ को दिल से स्वीकार करता हूं।