बिहार में बुलेटप्रूफ कार से चलता था हिस्ट्रीशीटर, STF की गाड़ी को पलटाया, गोलियों की बौछार कर दी, पुलिस ने 5 बदमाश पकड़े...
बिहार पटना ब्यूरो। नालंदा जिले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गयी। बिहारशरीफ में राइफल, विदेशी पिस्टल और कारतूसों के साथ पांच तस्करों को पकड़ा गया। इन बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलीबारी भी की.ये बदमाश बुलेटप्रुफ लग्जरी गाड़ी में सवार थे। एसटीएफ को इसकी भनक लगी तो पीछा किया। लेकिन बदमाशों ने एसटीएफ की गाड़ी में ऐसी टक्कर मारी की उनकी गाड़ी सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। उसके बाद गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल गया।
बुलेटप्रूफ कार से निकले हथियार तस्करों का एसटीएफ ने किया पीछा
इस पूरे मामले पर सदर एसडीपीओ-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बुलेटप्रूफ फोर्ड एंडेवर कार में हथियार तस्कर और भूमाफिया सवार हैं और हरनौत बाजार से बिहारशरीफ की तरफ जा रहे हैं. जिसके बाद एसटीएफ और नालंदा पुलिस ने संयुक्त रूप से संदिग्ध गाड़ी का पीछा करना शुरू किया.
एसटीएफ की गाड़ी में टक्कर मारी, ताबड़तोड़ फायरिंग की
एसडीपीओ ने बताया कि जब सरथा गांव के पास टीम पहुंची तो संदिग्धों ने एसटीएफ की गाड़ी में टक्कर मार दी. जिसके बाद एसटीएफ की गाड़ी सड़क किनारे गड्ढे में चली गयी. इस बीच वाहन से अपराधी बाहर आए और पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दिए. जिसका जवाब एसटीएफ ने भी गोलियों से दिया.
मुख्य सरगना समेत कुख्यात हिस्ट्रीशीटर पुलिस के हत्थे चढ़े
बताया गया कि इस मुठभेड़ में गिरोह का मुख्य सरगना किशन सिंह और उसका साथी अरविंद सिंह समेत तीन अन्य कुख्यात हिस्ट्रीशीटर पुलिस के हत्थे चढ़ गए. किशन कुमार के पास से 9MM की पिस्टल, दो लोडेड मैगजीन बरामद हुए. किशन की निशानदेही पर अरविंद कुमार के घर छापेमारी की गयी. जहां से राइफल, कारतूस और रिवॉल्वर आदि बरामद हुए हैं. पुलिस ने अरविंद सिंह, अरविंद के बेटे रवि सिंह, मुन्ना कुमार और कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया है.
बुलेटप्रूफ कार किसकी है?
यह बुलेटप्रूफ कार कुख्यात अपराधी कुंदन सिंह की है। जिसे उसने 30 लाख रुपए में खरीदा था। इस कार को 15 लाख रुपए खर्च करके उसने बुलेटप्रूफ बनवाया था। पुणे में उसने इस कार को बुलेटप्रूफ बनवाया था.